Sunday , 26 February 2017
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Poetry (कविता)

कहानी

alka

हर कहानी के हैं किरदार कई, हर कहानी में हैं मोड़ कई, जो किरदार हमारे साथ चले, संग उसके बुन लो एक कहानी नई… जीवन के पथ पर जब थक जाना, हाथ किसी अपने का थाम लेना, कुछ पल ठहर कर फिर चल पड़ना, जीवन के पग पर खुशियाँ चुन लेना… राहें भले ही हों मुश्किल भरी, इंतजार कर रही मंजिल नई, किसी अपने का हाथ थामकर, संग उसके बुन लो कहानी नई… – अलका श्रीवास्तव   Read More »

चाँद रोता रहा

tanuja

ओस बनकर देह से अविरल लहू बहता रहा नभ सूली पर टँगा चाँद रात भर रोता रहा। यूँ तो चाँदनी ने घावों पर स्नेह का लेपन किया तेरे लिए मंदाकिनी की वह पगडंडियाँ तकता रहा। नभ सूली पर टँगा चाँद रात भर रोता रहा। रूप था, यौवन भी था पर दाग माथे पर भी था ढाँप उसको बादलों से सुस्वप्न सँजोता रहा। नभ सूली पर टँगा चाँद रात भर रोता रहा। और ऊषा तन पर लपेट सूर्य स्पर्श के अवशेष आई क्षुद्र चाँद उस रश्मि पुंज में शेष स्वत्व खोता ... Read More »

तिरे चेहरे पे ठहरा चांद

manish-ashik

तिरे चेहरे पे ठहरा चांद बहुत ही खूब लगता है … कहीं देखूँ हसीं सबसे मिरा महबूब लगता है … मिरी आँखों में रहकर तुम मिरे सपने हसीं कर दो… बुझा कर ग़म के साये झिलमिलाती रोशनी भर दो वो तुम चुपके से जो नज़रें मिलाकर मुस्कुराती हो … तेरा हर बात पे यूँ खिलखिलाना खूब लगता है … कभी गर तुमको मुझसे कोई शिकवा शिकायत हो … कभी हो दिल में बेचैंनी ख्यालों में बगावत हो … मिरे हमदम तुम्हें नाराज़ रहने की इजाज़त है … सनम का रूठ ... Read More »

ख्वाबों में तेरा आना

alka

ख्वाबों में तेरा आना, नींद का खुल जाना.. आँखों से मेरी चैन का खो जाना.. प्यार में अक्सर ऐसा होता है कोई दूर जाता है, दिल तड़पकर रह जाता है.. बहुत दर्द देता है, ख्वाबों का टूट जाना.. आँखों से मेरी फिर चैन का खो जाना… ख्वाबों मे तुमको फिर से देखना चाहती हूँ, आंखे बंद करके अपने पास पाना चाहती हूँ, बहुत दर्द देता है तेरा मुझसे यूँ दूर हो जाना.. आँखों से मेरी यूँ चैन का खो जाना.. चाहा है तेरी आँखों में अपना अक्श ही देखूं, और ... Read More »

आज बेटियाँ बचाइये

vigyaat

करो प्रचार खूब बेटियाँ पढ़ाइये । विचार नेक आज बेटियाँ बचाइये ।। जगे प्रभाव ज्ञान से समाज ये अभी । मशाल थाम के चलो रुको नहीं कभी ।। बने प्रकाश लोग मार्ग देख के चलें । न अन्धकार कालिमा कहीं नहीं पलें ।। थके नहीं डटे नहीं कभी अड़ान पे । रुके नहीं उड़े चले सदा उड़ान पे ।। बने मकान यूँ विशाल आसमान में । दिखा चुकी उड़ान कल्पना जहान में ।। तमाम कल्पना नवीन बेटियाँ बनें । सधी हुई पढ़ी प्रवीण बेटियाँ बनें ।। करे पिता व मात ... Read More »

गुलमुहर के फूल

lata-yadav

ज़िन्दगी में नित नये अब राग गुंजाने लगे । नित नये रंगों में’ नूतन स्वप्न हर्षाने लगे ।। भर दुपहरी कूजती कोयल फुदकती डाल पर । ज़िन्दगी को गुलमुहर के फूल अब भाने लगे ।। खिलखिला कर हँस रहे हैं सुर्ख ओठों की तरह । हर धड़कते हृदय को ये शीत पहुँचाने लगे ।। जेठ की तपती दुपहरी में ये झूमे डाल पर । कष्ट हँसकर के सहो ये सहज समझाने लगे ।। रच दिये अनमोल मोती कवि हृदय ने प्रेम वश । पुष्प यादों के हजारों मन में मुस्काने ... Read More »

भावनाओं का स्वेटर

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ठिठुरन से भरी हुई …….. सर्द रातों में जाग-जाग के चुपके-चुपके तेरे ख्यालों के फंदों को …. मन के नर्म भावों की सलाइयों पर बुना है तुम्हारे लिए एक स्वेटर.. एहसासों की लछीयो के बनाकर गोले… नर्म बैंगनी धागों से कुछ फंदे सीधे, कुछ उल्टे बुने कुछ अनुभव के फंदे जोड़ दिये कहीं कुछ घटा दिये….. मन की उम्मीदों से नाप लिया है… तुम्हारा जिदंगी के कुछ नमूने भी डाल दिए सुनों. ….. कहीं कोई फंदा जो खुला रह जाए गर तुम अपने अनुभवों के सलीक़े से इसे बंद कर ... Read More »

एक नया पुल

alka

तेरे शहर से मेरी तन्हाई तक, सुना है पुल नया इक बन गया है… कभी मिले जो वक्त तो मेरे पास आ जाना, हो सके तो मेरे दिल का हाल भी देख जाना, मुश्किल तो नहीं है देख पाना, जो दर्द दिल में छिपाया है मैंने, क्योंकि तेरे दिल से, मेरे दिल की गहराई तक, सुना है पुल नया इक बन गया है.. मान कर एक दूजे को अपना, हमने जो वादे किए थे कभी, मुश्किल तो नहीं है देख पाना, उन वादों को कैसे निभाया है मैंने, क्योंकि मेरी ... Read More »

सपनों की गठरी

pawan

खुद को मैं खुद में खोज रहा हूँ आजकल मालूम हुआ कि मुझमें मैं बाकी हूँ अभी….. बैठकर अकेला सोचता हूँ अतीत को… और बह निकलता है इक आँसूओं का सैलाब जो भिगो देता है… मेरे टूटे हुए सपनों को.. और फिर झपक जाती हैं वो गीली आँखे नये सपने बुनने के लिए…! फिर मैं निकल पड़ता हूँ.. भोर होते ही घर से अपने सपनों की गठरी बाँधे…. और बेदर्द दुपहरी में तपाता हूँ तन को बस इसी विश्वास के साथ कि इन सपनों को यकीनन हकीकत नसीब होगी….. – ... Read More »

जिन्दगी

alka

जिन्दगी में बहुत कुछ खोया, बहुत कुछ पाया है मैंने, जो पाया उसकी खुशी है, जो खोया उसका गम जरूर हैं… कहते हैं खोना पाना जिन्दगी का एक हिस्सा है, पाने से जहाँ होंठों पर मुस्कुराहट है, खोने से मेरी आंखे नम जरूर हैं… जिन्हें पाया वो भी अपने हैं, जिन्हें खोया वो भी मेरे करीब थे, आज जो पास हैं वो शायद मेरी किस्मत हैं, लेकिन जो दूर हो गये वो कभी मेरे नसीब थे… बहुत बरसती हैं मेरी ये आंखे, जब उनका कभी ख्याल आता है, बाहें अनजाने ... Read More »