Sunday , 22 January 2017
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Svaya (सवैया)

बीत गये अब जीवन के मधुमास

geet

बीत गये अब जीवन के मधुमास सुहावन क्या कहिये जी याद धुआँ बन मौसम के सुख लावत पावन क्या कहिये जी बैठ भजे हम राम रमायण है मन भावन क्या कहिये जी जो प्रभु आय उठाय हमें तब जीव कुँ जावन क्या कहिये जी । भोग लिया सुख को जग के अब नाहक मोह बढ़े किस कारण मानुष योनि महान मिला सब काम किया घर बार निवारण आयु खपा सब रोग डटा तब और भला अब चाहत जारण आय मिलौ तन छोड़ चलूँ प्रभु आप सुनौ विनती जग तारण । ... Read More »