Sunday , 26 February 2017
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Novel (उपन्यास)

एक धुँध से

yusuf

मुल्क के बंटवारे को लेकर लिखा गया अतिमार्मिक संवेदनशील और कई प्रबुद्ध साहित्यकारों द्वारा प्रशंसित चर्चित यूसुफ़ रईस द्वारा लिखित उपन्यास एक धुँध का अंश… गुल मुहम्मद और उनका परिवार रात भर की नींद और सफ़र की वज़ह से थक चुका था ! साहिवाल पहुँचते पहुँचते ज़िस्म ने साथ छोड़ दिया ! गुल मुहम्मद ने जैसे तैसे शाम को खाने का इंतज़ाम किया ! मकान मालिक ने उन्हें रहने की इजाजत दे दी थी ! खाना खाते ही वो सारे जल्दी सो गये ! अाज उनका परिवार कई दिन बाद ... Read More »

बहाना

beleve-in-god

अव कहाँ वो समय कहाँ वो ठिकाना बदल गया दोस्त अब तो देव का बहाना दिन भर चले हर कोई पाये जो नया ठिकाना देव संग बचता कहाँ किसको कुछ है बहाना कोण …. कोई नहीं तुलसी दाश होता है ….सच है दोस्त बाल्मीक भी पुजारी नहीं होता है ….वो तो बात और थी कबीर की …नहीं तो वो भी सूरदाश से कम नही होता वह … वह फिर आई तूफ़ान बन कर और शांति आंधी बन लोटी गर्मी लगा बसी थी जम कर अड़ गयी प्यासी पी खून लौटी ... Read More »