कौन करेगा प्यार हमें

कौन हमें अब दिखलायेगा अनुभव का संसार हमें
देगा कौन हिदायत हमको, कौन करेगा प्यार हमें

गम की आतिश में जलने का पूरा था अहसास मगर
खबर नहीं थी हो जाएगी नफरत भी स्वीकार हमें

अपने हक की खातिर मिलकर लड़ना होगी जंग अभी
गफलत में मत रहो नहीं कुछ देगी ये सरकार हमें

उम्मीदों के कठिन रास्ते तय तो करने ही होंगे
मन्ज़िल पर जाने से कैसे रोकेगी दीवार हमें

मुट्ठी भर लोगों ने मिलकर कर डाला बर्बाद सुगम
लड़ा भिड़ाकर ऐश कर रहे बना दिया लाचार हमें

sugam

– सुगम

 

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