AIMS में आधार कार्ड से पंजीकरण फ्री, बिना आधार देना होगा 10 गुना शुल्‍क

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में आधार कार्ड उपलब्ध कराने वाले मरीजों का पंजीकरण शुल्क जल्द ही समाप्त कर दिया जाएगा। लेकिन बिना आधार कार्ड वाले मरीजों को 100 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा जो मौजूदा शुल्क का 10 गुना है। एम्स के कंप्यूटरीकरण विभाग के चेयरमैन डाक्टर दीपक अग्रवाल ने कहा कि यह व्यवस्था जनवरी से लागू होने की संभावना है। इसका उद्देश्य मरीजों का डाटाबेस दुरुस्‍त करना है, अन्यथा यह अस्तव्यस्त हो जाता है क्योंकि कई मरीज अपने दस्तावेज और ओपीडी कार्ड गुम कर देते हैं। वर्तमान में एक मरीज को पंजीकरण के लिए 10 रुपये भुगतान करना पड़ता है जिसके बाद उसे एक विशेष स्वास्थ्य पहचान (यूएचआईडी) संख्या दी जाती है।

अग्रवाल ने कहा, ‘‘अभी क्या होता है कि एक ही मरीज के लिए कई यूएचआईडी बना दी जाती है क्योंकि वह अपने दस्तावेज और कार्ड गुम कर देता है। पूरी संभावना है कि अगले महीने से उन मरीजों के लिए पंजीकरण नि:शुल्क कर दिया जाएगा जो अपने आधार नंबर उपलब्ध कराते हैं। जो आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करा सकते, उन्हें पंजीकरण के लिए 100 रुपये का भुगतान करना होगा।’’ एम्स केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर आधार नंबर को यूएचआईडी नंबर से संबद्ध करने के संबंध में अधिसूचना जारी करने का पहले ही अनुरोध कर चुका है।

एम्‍स के इस कदम को सरकार के आधार कार्ड के इस्‍तेमाल को बढ़ावा देने के रूप में भी देखा जा रहा है। हाल ही में ईपीएफओ ने भी उपभोक्‍ताओं से आधार कार्ड नंबर मांगे हैं। ईपीएफओ आधार कार्ड नंबर को यूएएन डाटाबेस में अपडेट करेगा। वहीं बैंकों ने भी ‘नो योर कस्‍टमर’ के लिए आधार कार्ड को मान्‍य कर रखा है। सरकार की कई अन्‍य योजनाओं में भी आधार कार्ड को अनिवार्य बनाया जा चुका है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले दिनों अपने आदेश में कहा था कि आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया जा सकता है।

 

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