कभी जंगे मुहब्बत भी लड़ी जाये तो अच्छा है

sugamहमारे सामने ऐसी घड़ी आये तो अच्छा है
कभी जंगे मुहब्बत भी लड़ी जाये तो अच्छा है

भले कुरआन, गीता,ग्रन्थ साहिब भी पढ़े जाएँ
इबादत में मुहब्बत भी पढ़ी जाये तो अच्छा है

बदन पर अम्न के बख्तर करों में प्यार की ढालें
दिलों से पुष्प बाणों की झड़ी आये तो अच्छा है

मिटाना है तो कातिल की तिज़ारत को मिटायें हम
ज़माने से मुई नफरत चली जाये तो अच्छा है

हिफाज़त ज़िन्दगी की हो सुगम बेहद ज़रूरी है
क़यामत वक्त से पहले नहीं आये तो अच्छा है

– सुगम

 

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