मोदी आरतियां लिखने वाले पत्रकारों को एक बार रागदरबारी ज़रूर पढ़ लेना चाहिए: मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली: शराब कारोबारी विजय माल्या को गिरफ़्तारी के महज 3 घंटे के अंदर ही बेल मिला गया। बेल लेकर घर पहुंचते ही विजय माल्या ने भारतीय मीडिया पर तंज कसा और कहा कि इंडियन मीडिया ने हमेशा की तरह मामले को सनसनीखेज बनाया और बढ़ा चढ़ा कर पेश किया। बता दें कि जैसे ही भारतीय समय के मुताबिक दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे लंदन से विजय माल्या के गिरफ़्तारी की खबर आई, देश की मीडिया में सनसनी मच गई। मीडिया ने इस खबर को बड़ी राजनीतिक स्टोरी और मोदी सरकार की कामयाबी के तौर पर पेश किया। देश की राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मीडिया ने माल्या की गिरफ़्तारी को करप्शन के खिलाफ मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी बताई, कई चैनलों से रिपोर्टस आने लगे कि सीबीआई की टीम कुछ ही घंटों में लंदन रवाना होने वाली है, और माल्या के प्रत्यर्पण पर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि विजय माल्या पर देश के बैंकों का 9 हज़ार करोड़ रुपया बतौर कर्ज लेकर भागने का आरोप है। विजय माल्या की गिरफ्तारी के बाद मीडिया ने लोगों को बताना शुरू कर दिया कि अब मोदी सरकार इस फरार कारोबारी से पाई पाई रुपया वसूल करेगी।

आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 9400 करोड़ रुपये बैंकों का डकार कर भाग जाने वाले किंगफिशर के प्रमुख विजय माल्या के मामले में पत्रकारों को खरी खोटी सुनाई है। मनीष सिसोदिया ने यह ट्वीट शराब कारोबारी रहे विजय माल्या की मीडिया में आई गिरफ्तारी की खबरों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘सुनवाई के लिए कोर्ट गए आदमी को गिरफ्तार बताकर, मोदी आरतियां-चालीसाएं लिखने वाले पत्रकारों को एक बार रागदरबारी ज़रूर पढ़ लेना चाहिए।

स्पष्ट है कि मीडिया वालों पर मनीष सिसोदिया गुस्सा जाहिर कर रहे हैं और उन्हें चाटुकार बता रहे हैं। अपने ट्वीट में सिसोदिया का कहना है कि विजय माल्या को गिरफ्तार नहीं किया गया। वह केवल कोर्ट में पेशी के लिए आए थे और मीडिया उन्हें गिरफ्तार बता रहा है।

जहां भारत सरकार की एजेंसियों ने विजय माल्या की गिरफ्तारी की बात कही वहीं, विजय माल्या ने भी भारतीय मीडिया की मसले को बढ़ाचढ़ाकर दिखाने के लिए आलोचना की। माल्या ने अपने ट्वीट में कहा था कि प्रत्यर्पण के लिए कोर्ट में केस शुरू हुआ जैसा की उम्मीद थी।