कश्मीर : पीडीपी को समर्थन देगी नेकां

 

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जम्मू: नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) ने मंगलवार को औपचारिक रूप से जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन.एन. वोहरा को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र में नेकां ने राज्य में सरकार गठित करने के लिए पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) को समर्थन देने की बात कही है। नेकां द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक पार्टी नेता देवेंद्र राणा ने राजभवन में राज्यपाल को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में नेकां ने सरकार गठन के लिए पीडीपी को समर्थन देने की बात कही है।

घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि पार्टी एक उचित मंच पर समर्थन के प्रस्ताव पर विचार करेगी।

पीडीपी नेता और लोकसभा सांसद महबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में एक रेडियो कार्यक्रम के दौरान कहा कि लोगों ने राज्य में नेकां के शासन के विरोध में मतदान किया है।

उन्होंने कहा कि कश्मीर घाटी में जनमत स्पष्ट रूप से पीडीपी के पक्ष में है और जम्मू क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में।

राज्य में नवंबर और दिसंबर में हुए 12वीं विधानसभा के चुनाव में पीडीपी से 28 सीटें जीती हैं और भाजपा के खाते में 25 सीटें आई हैं। नेकां और कांग्रेस को क्रमश: 15 और 12 सीटें मिली हैं। छह सीटें निर्विरोध उम्मीदवारों के खाते में गई हैं।

87 सीटों वाली राज्य विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी और गठबंधन को 44 सीटों की जरूरत है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस। : IBN7

साक्षी के खिलाफ इतनी सख्त क्यों हो गई BJP?

 

 

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विहिप नेता अशोक सिंघल ने पिछले वर्ष कहा था कि देश के हर हिंदू को पांच बच्चे पैदा करना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई थी कि ‌हिंदुओं की आबादी कम होती जा रही है। वह दिन दूर नहीं, जब हिंदू ही भारत में अल्पसंख्यक हो जाएंगे।

पिछले सप्‍ताह भाजपा के बड़बोले नेता साक्षी महाराज ने रियायत देते हुए कहा कि हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करना चाहिए। साक्षी के बयान के अगले ही दिन प्रवीण तोगड़िया ने हिंदुओं को तीन बच्चे पैदा करने की शपथ दिला दी। संख्या के मामले में उन्होंने जरूर उदारता बरती।

बच्चे पैदा करने की वकालत इन सभी नेताओं पर भारी पड़नी थी। हुआ भी वही। सिंघल, साक्षी और तोगड़िया सभी पर तीखे हमले क‌िए गए। सिंघल का मामला पुराना है। बयान लोकसभा चुनाव के पहले दिया गया था। चर्चा हुई लेकिन वैसी नहीं, जैसा बवाल साक्षी महाराज के बयान पर हो गया।

तोगड़िया के बयान पर भी वैसा बम नहीं फूटा, जैसे धमाके साक्षी महाराज के बयान पर कर दिए गए।

अमर उजाला, नई दिल्ली

AAP मंत्री के खिलाफ FIR दर्ज, भाजपा ने कहा- केजरीवाल पर हो कार्रवाई

 

आम आदमी पार्टी के मंत्री इमरान हुसैन के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप हैं कि दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। खबर के अनुसार इमरान हुसैन ने दिल्ली की बवाना सीट पर हुए उप चुनाव के दौरान धार्मिक गतिविधियों का सहारा लिया और एक विशेष समुदाय से चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी को वोट देने की अपील की। मामले में दिल्ली भाजपा इकाई ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत की है। साथ ही उनकी भाषा को लेकर भी सवाल उठाए हैं। भाजपा ने आरोप लगाया कि इमरान हुसैन ने धार्मिक सदभावना को ठेस पहुंचाने और दो समुदायों को बांटने की कोशिश की है। बवाना सीट पर उप चुनाव से पहले ये पोस्टर चिपकाए गए थे। जहां आज मतदान हुआ है। जबकि चुनावी आचार संहिता के अनुसार राजनीतिक पार्टी द्वारा धर्म के आधार पर जनता से वोट मांगने की मनाही है।

वहीं, मनोज तिवारी, नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता और चुनाव संयोजक ओम पाठक ने मुख्‍य निर्वाचन आयुक्‍त (सीईसी) से मुलाकात कर एक ज्ञापन दिया। इसमें विवादित पोस्टर लगाने के मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल के साथ मंत्री इमरान हुसैन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।

‘निजता का अधिकार’ मौलिक है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

 

‘निजता का अधिकार’ मौलिक अधिकार है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट की नौ जजों की पीठ गुरुवार को 10:30 बजे अपना फैसला सुनाएगी। इसमें बताया जाएगा कि ‘निजता के अधिकार’ को मौलिक अधिकारों के स्तर पर लाया जा सकता है या नहीं। शनिवार को सेवानिवृत हो रहे मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जे.एस. खेहर की अध्यक्षता वाली नौ जजों की पीठ ने विस्तृत सुनवाई के बाद 3 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। नौ जजों की पीठ के गठन के पहले मुख्य न्यायाधीश जस्टिस खेहर की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने कहा था कि बड़ी बेंच पूर्व के दो फैसलों-खड़क सिंह और एमपी शर्मा मामले का परीक्षण करेगी। छह और आठ जजों की पीठ के इन फैसलों में कहा गया था कि ‘निजता का अधिकार’ मौलिक अधिकार नहीं है।

नौ जजों की पीठ का फैसला आधार कार्ड की अनिवार्यता के मामले के निपटारे में सुप्रीम कोर्ट बेंच की मदद करेगा। आधार की अनिवार्यता के खिलाफ याचिकाएं थीं कि आधार से व्यक्ति की निजता का उल्लंघन हो रहा है, क्योंकि इसमें दिया गया बायोमीट्रिक डाटा लीक हो सकता है। केंद्र सरकार ने आधार योजना को जबरदस्त समर्थन दिया और कहा कि देश के करोड़ों गरीबों को भोजन, आश्रय और कल्याण के उपायों के जरिए जीवन का अधिकार चंद इलीट लोगों की निजता की चिंताओं से ज्यादा महत्वपूर्ण है। सरकार ने कहा कि देश में 100 करोड़ लोगों ने आधार कार्ड बनवा लिया है जिसमें छह हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आया है अब इसमें पीछे नहीं जाया जा सकता।

जुलाई से अब तक पेट्रोल 5.64 रुपये और डीजल 3.72 रुपये हुआ महंगा

 

सरकारी ऑइल कंपनियां पहली जुलाई से अब तक पेट्रोल का दाम 5.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3.72 रुपये प्रति लीटर बढ़ा चुकी हैं। इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में पेट्रोल बुधवार को 68.73 रुपये प्रति लीटर और डीजल 57.05 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बेचा जा रहा था। पहली जुलाई को पेट्रोल का दाम 63.09 रुपये अैर डीजल का 53.33 रुपये प्रति लीटर था।

इस साल जून तक सरकारी कंपनियां हर पखवाड़े कीमतों में बदलाव करती थीं ताकि उन्हें इंटरनेशनल प्राइसेज के मुताबिक किया जा सके और करेंसी में उतार-चढ़ाव के मुताबिक एडजस्टमेंट हो सके। हालांकि राजनीतिक अनिश्चितता से बचने के लिए कई बार कुछ पखवाड़ों तक दाम जस के तस रहने दिए जाते थे, खासतौर से चुनावों के दौरान। 16 जून से कंपनियों ने इनकी कीमतों में रोज बदलाव करना शुरू किया था। इससे कीमतों में बदलाव भले ही कम दिखता हो, लेकिन आम उपभोक्ता का खास ध्यान उन पर नहीं पड़ रहा था।

पहली जुलाई से पेट्रोल का दाम 9 पर्सेंट और डीजल का 7 पर्सेंट बढ़ने का मतलब यह है कि रोज कीमतें बदलने का मकसद पूरा हो रहा है। देश में पेट्रोल और डीजल के दाम का संबंध इनके अंतरराष्ट्रीय भाव से है, न कि क्रूड ऑइल से। इसी दौरान क्रूड ऑइल की इंडियन बास्केट में भी 9 पर्सेंट बढ़ोतरी हुई है।

कीमतों में रोज बदलाव शुरू होने का पेट्रोल पंप डीलरों ने कड़ा विरोध किया था और उन्होंने प्राइस घटने से प्रॉफिटेबिलिटी को झटका लगने और इनवेंटरी पर लॉस होने का दावा किया था। 16 जून से 30 जून के बीच पेट्रोल का दाम 2.17 रुपये प्रति लीटर और डीजल का 1.03 रुपये प्रति लीटर घटा, लेकिन जुलाई में कीमतें चढ़नी शुरू हुईं तो डीलरों ने विरोध बंद कर दिया।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, OBC क्रीमीलेयर सीमा 6 से बढ़ाकर हुई 8 लाख रुपये सालाना

 

बुधवार को केंद्र सरकार ने केंद्र सरकारी की नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए क्रीमी लेयर की उच्चतम सीमा बढ़ाकर आठ लाख रुपये सालाना कर दी। पहले यह सीमा छह लाख थी। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बुधवार को इसकी घोषणा की। इस घोषणा के बाद ओबीसी श्रेणी के सालाना आठ लाख रुपये तक की आय वाले अभ्यर्थी आरक्षण लाभ ले पाएंगे। इससे पहले जिनकी आय छह लाख होती थी, उन्हें यह लाभ मिलता था। अब इसका दायरा बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है।

जेटली को ‘क्रुक’ कहा या नहीं, बताए अरविंद केजरीवाल : हाईकोर्ट

 

वित्त मंत्री अरुण जेटली और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच चल रहे मानहानि मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगा है। इसको लेकर जेटली ने कोर्ट में आवेदन दायर किया था। हलफनामे में केजरीवाल पर मामले की सुनवाई के दौरान अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप था।

पिछले महीने अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट को कहा था कि उन्होंने अपने वकील राम जेठमलानी को सुनवाई के दौरान जेटली के लिए ‘क्रूक’ शब्द का प्रयोग करने के लिए नहीं कहा था। अब कोर्ट ने इस मामले में 4 हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा है। इसकी अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी। गौरतलब है कि DDCA मामले में आरोपों को लेकर जेटली ने अरविंद केजरीवाल समेत 5 नेताओं पर 10 करोड़ रुपए की मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

राम जेठमलानी ने 17 मई की सुनवाई में अरुण जेटली के खिलाफ क्रूक शब्द का प्रयोग किया था। इसपर कोर्ट में अरुण जेटली और राम जेठमलानी में तीखी बहस हुई थी।

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने पीएम नरेंद्र मोदी को इस्तीफे की पेशकश

 

नई दिल्ली: यूपी में दो बड़े रेल हादसों की जिम्मेदारी लेते हुए रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने पीएम नरेंद्र मोदी को इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने ट्वीट करते हुए जानकारी दी कि वो इन हादसों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हैं और उन्हें दुर्भाग्यपूर्ण घटना का बेहद दुख है।

उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को इस्तीफे की पेशकश के बाद पीएम ने उन्हें इंतजार करने के लिए कहा है। बुधवार को एक के बाद एक किए कई ट्वीट्स में उन्होंने न केवल इन हादसों की नैतिक जिम्मेदारी ली, बल्कि अपना पक्ष रखने की भी कोशिश की। बता दें कि पहले उत्कल एक्सप्रेस और फिर कैफियात एक्सप्रेस की दुर्घटना के बाद रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लग रहा है। खुद प्रभु विरोधियों के निशाने पर हैं। विपक्ष ने उनका इस्तीफा मांगा है।

प्रभु ने ट्वीट करके लिखा, ‘मैंने माननीय पीएम नरेंद्र मोदी से मिलकर (इन घटनाओं की) पूरी नैतिक जिम्मेदारी ली है। माननीय पीएम ने मुझे इंतजार करने को कहा है।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं, यात्रियों के घायल होने और उनको हुए जानमाल के नुकसान और से बहुत ज्यादा पीड़ा हुई है।’

आगे उन्होंने कहा कि पीएम मोदी की अगुआई में ‘न्यू इंडिया’ को एक ऐसे रेलवे की जरूरत है जो सक्षम और आधुनिक हो। उन्होंने कहा, ‘मेरा वादा है कि रेलवे उसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।’ उन्होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में दशकों से तिरस्कृत (रेलवे को) से निकलने के लिए सभी क्षेत्रों में चरणबद्ध रिफॉर्म्स की कोशिश की, जिसका नतीजन अभूतपूर्व निवेश और उपलब्धियां हासिल हुई हैं।

प्रभु ने लिखा, ‘तीन साल से कम वक्त के दौरान बतौर मंत्री रेलवे की बेहतरी के लिए मैंने अपना खून-पसीना बहाया है।’

रिजर्व बैंक जल्द जारी करेगा 200 रुपये का नोट, केन्द्र से नोटिफिकेशन जारी

 

भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही 200 रुपये का नोट जारी करेगा इसको लेकर केन्द्र सरकार ने बुधवार को नोटिफिकेशन जारी किया है। आपको बता दें कि हाल ही में आरबीआई ने 50 रुपये का नोट जारी किया था।

आरबीआई 200 रुपये का नया नोट सितंबर आखिर तक ये नोट ला सकता है। ये पहली बार है जब 200 रुपये का नया नोट मार्केट में आएगा। 100 से 500 रुपये के बीच में कोई नोट नहीं है और 200 रुपये का नोट मार्केट में आने से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अधिकारियों का कहना है कि 200 रुपये का नया नोट आने से नकद लेन देन में आसानी होगी और उससे छोटे नोटों की संख्या मार्केट में बढ़ जाएगी। आपको बता दें कि नोटबंदी से पहले 500 के 1,717 करोड़ नोट थे और 1000 के 686 करोड़ नोट थे। एसबीआई के एक स्टडी के मुताबिक, नोटबंदी के बाद बड़े नोटों के शेयर में 70 फीसदी की कमी आई है।

UP: चार दिन में दो रेल हादसे, रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने दिया इस्तीफा

 

यूपी एक हफ्ते में में खतौली और औरेया में हुए दो रेल हादसों के बाद बुधवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ए के मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ए के मित्तल ने अपना इस्तीफा रेल मंत्री सुरेश प्रभु को सौंप दिया है। हालांकि अभी इस बात कि आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है कि मित्तल का इस्तीफा स्वीकार हो गया है या नहीं।

डंपर से टकराने के बाद कैफियत एक्सप्रेस बेपटरी, 74 घायल
बता दें कि मंगलवार रात उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में कैफियत एक्सप्रेस एक डंपरसे टकरा गई जिससे ट्रेन के इंजन और ब्रेक यान सहित 12 डिब्बे पटरी से उतर गए जिसके कारण कम से कम 74 लोग घायल हो गए। हादसे में अभी तक किसी की जान जाने की कोई खबर नहीं है। राज्य में पिछले चार दिनों में यह दूसरी बड़ी ट्रेन दुर्घटना है।

इससे पहले 19 अगस्त को पुरी से हरिद्वार जा रही उत्कल एक्सप्रेस भी मुजफ्फरनगर खतौली में पटरी से उतर गई थी, जिसमें 21 यात्रियों की मौत और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. इस घटना में रेलवे की लापरवाही सामने आई थी। रेलवे ने ये माना था कि पटरियों पर काम चल रहा था जिसकी वजह से ये दुर्घटना हुई।

उपराज्यपाल का फैसला अवैध, AAP के दफ्तर को लेकर हाईकोर्ट ने रद्द किया LG का आदेश

 

नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर का आवंटन रद्द करने के उपराज्यपाल अनिल बैजल के फैसले को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि वह एक बार फिर विचार करें। अरविंद केजरीवाल ने फैसले के बाद राघव चड्ढा के ट्वीट को री-ट्वीट किया है- दिल्ली हाइकोर्ट ने AAP के दफ्तर का आवंटन रद्द करने के एलजी के फैसले को पलट दिया है। उपराज्यपाल का फैसला अवैध हो गया है. Boom!

दरअसल, उप राज्‍यपाल अनिल बैजल ने आदेश जारी कर इस ऑफिस का आवंटन रद्द कर दिया था। शुंगलू समिति की रिपोर्ट में इस दफ़्तर आवंटन पर सवाल उठाए गए थे और कहा गया था कि क्योंकि ज़मीन दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र नहीं, इसलिए वह किसी राजनीतिक दल को दफ़्तर/ज़मीन देने के लिए नीति नहीं बना सकती।

हम सड़क पर काम करेंगे : अरविंद केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने भी तल्ख अंदाज में कहा था कि भले ही हमसे ऑफिस छीन लें, हम सड़क से भी काम करेंगे। उन्होंने कहा कि बीजेपी बुरी तरह बौखला गई है और झूठे आरोप लगा रही है। केजरीवाल ने कहा कि माफिया से भिड़ने और गरीबों का साथ देने के लिए पार्टी को सताया जा रहा है। वे हमें खत्म करना चाहता हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि हम सच्चाई के रास्ते पर हैं। लोग उन्हें चुनावों में सबक सिखाएंगे।

उल्‍लेखनीय है कि शुंगलू समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने आम आदमी पार्टी को दफ्तर देने के लिए जो प्रक्रिया अपनाई वह अवैध है। दिल्ली सरकार ने दिल्ली में आईटीओ के पास दीनदयाल उपाध्याय मार्ग पर 206, राउज़ एवेन्यू ‘आप’ को दफ्तर के लिए आवंटित किया है। शुंगलू समिति ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इसके लिए पॉलिटिकल पार्टियों को दफ्तर के लिए जमीन देने की बाकायदा नई पॉलिसी बनाई, जिसमें ये भी कहा गया कि जमीन पाने योग्य पार्टियों को 5 साल तक कोई इमारत या बंगला दिया जा सकता है, क्योंकि इतने समय में वह अपनी आवंटित ज़मीन पर दफ़्तर बना सकते हैं।

9 साल बाद जेल से छूटे कर्नल पुरोहित, रिसीव करने पहुंची सेना की तीन गाड़ियां

 

मालेगांव धमाके के आरोपी सेना से निलंबित अधिकारी और मालेगांव बम घमाके में आरोपी कर्नल पुरोहित 9 साल बाद जेल से बाहर आए हैं।उन्हें लेने के लिए सेना की तीन गाड़ियां तलोजा जेल पहुंची थीं। 9 साल बाद नवी मुंबई के तलोजा जेल से रिहा हुए लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित रिहाई के बाद सीधे कोलाबा में मिलिट्री इंटेलिजेंस की अपनी यूनिट में जाएंगे। वहां से सेशंस कोर्ट और फिर पुणे स्थित अपने घर। सोमवार को ही उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन कुछ कागजी कार्यवाही की वजह से मंगलवार को रिहाई नहीं हो सकी।

इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के एक दिन बाद लेफ्टिनेंट कर्नल श्रीकांत प्रसाद पुरोहित ने कहा कि वह जल्द से जल्द सेना में फिर से शामिल होना चाहते हैं। पुरोहित ने सत्र न्यायालय के बाहर पत्रकारों से कहा था कि मैं अपनी वर्दी पहनना चाहता हूं। यह मेरी त्वचा की ऊपरी परत है। पुरोहित की जमानत की औपचारिकताएं अभी पूरी होना बाकी हैं। आरोप तय करने को लेकर एक सुनवाई के लिए उन्हें अदालत लाया गया। उन्होंने कहा, मेरे दो परिवार हैं- सेना और मेरा परिवार जिसमें मेरी पत्नी,मेरे दो बेटे,बहन और मां हैं। मैं उनसे मिलने के लिए बेताब हूं।